मुंबई। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन से मुद्रास्फीति 1 से 1.5 प्रतिशत का दबाव होगा लेकिन इससे चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में करीब 0.4 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
साथ ही रिजर्व बैंक मार्च 2017 में खुदरा मुद्रास्फीति 5.0 प्रतिशत तक सीमित रखने के लक्ष्य को लेकर आश्वस्त है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने रिपोर्ट में कहा है, ‘‘यह मानते हुए कि सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 2016-17 की दूसरी तिमाही में लागू करेगी, ऐसे में सीपीआई मुद्रास्फीति 2016-17 के बेसलाइन की तुलना में औसतन 1.0 से 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसका प्रभाव 24 महीने तक रह सकता है।’’
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वेतन वृद्धि से चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में करीब 0.4 प्रतिशत की मजबूती आ सकती है।
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